आज के दौर में, और शायद पहले भी, पत्रकारिता और राजनीति एक दूसरे के साथ समानांतर चलते प्रतीत होते हैं। हालांकि, पत्रकारिता का क्षेत्र राजनीति से कहीं ज्यादा बड़ा है। पत्रकारिता की भाषा में कहें तो राजनीति महज एक ‘बीट’ है लेकिन हमारे देश में चूंकि राजनीति ही सबसे बड़ा ‘रुचि’ का विषय है तो पत्रकारिता में राजनीति ही छायी रहती है।






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